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PGS Full Form in Hindi , पीजीएस-इंडिया (भारत की भागीदारी गारंटी प्रणाली) 2023

PGS Full Form in Hindi , पीजीएस-इंडिया (भारत की भागीदारी गारंटी प्रणाली) 2023

PGS

PGS-India (Participatory Guarantee System , पीजीएस-इंडिया (भारत की भागीदारी गारंटी प्रणाली) एक गुणवत्ता आश्वासन पहल है जो स्थानीय रूप से प्रासंगिक है, उत्पादकों और उपभोक्ताओं सहित हितधारकों की भागीदारी पर जोर देती है और तीसरे पक्ष के प्रमाणीकरण के ढांचे के बाहर काम करती है। राष्ट्रीय जैविक खेती परियोजना (एनपीओएफ) 10वीं पंचवर्षीय योजना से जारी एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है।

मार्गदर्शक सिद्धांत

  • पीजीएस इंडिया प्रणाली सहभागी दृष्टिकोण, साझा दृष्टिकोण, पारदर्शिता और विश्वास पर आधारित है। इसके अलावा यह पीजीएस आंदोलन को राष्ट्रीय मान्यता और संस्थागत संरचना प्रदान करता है।

मुख्य रूप से एक संदर्भ रूप में, “PGS” (Pradhan Mantri Gramin Sadak Yojana) भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही एक महत्वपूर्ण योजना है जो ग्रामीण इलाकों में सड़कों के विकास और सुधार के लिए समर्थन प्रदान करती है। इसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों को आराम से पहुंचने की सुविधा प्रदान करना है, जिससे लोग बेहतर जीवन जी सकें और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी क्षेत्रों से जोड़ने में मदद करती है और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण संरचनाएं विकसित करती है।

PGS का आयोजन 25 दिसंबर 2000 को शुरू हुआ था और बाद में इसे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाने का फैसला किया गया। यह योजना ग्रामीण सड़कों के निर्माण, संशोधन, और रखरखाव के लिए धनराशि प्रदान करती है।

इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में मदद करना, ग्रामीण इलाकों को अन्य भागों से जोड़ना, रोजगार के अवसर पैदा करना और ग्रामीण जनता की जीवनशैली को सुधारना है।

PGS के अंतर्गत बिहार, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, और केरल जैसे राज्य शामिल हैं।

यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की सुविधा उपलब्ध करवाने के साथ-साथ, नए राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण और ग्रामीण इलाकों को विशेष ध्यान देती है जो आर्थिक रूप से पिछड़े हुए होते हैं।

इसके अंतर्गत यातायात उपकरणों के साथ सड़कों की सुरक्षा भी मजबूतीपूर्वक ध्यान में रखा जाता है।

कृपया ध्यान दें कि यह जानकारी 2021 में बेस करके है और मेरे पास 2023 के बाद की नवीनतम जानकारी नहीं है। इसलिए, आपको यदि इस विषय में अधिक नवीनतम जानकारी चाहिए तो संबंधित सरकारी वेबसाइट या समाचार स्रोतों से जाँच करने की सलाह दी जाती है।

PGS-India (Participatory Guarantee System of India history

भारत में पार्टिसिपेटरी गारंटी सिस्टम (PGS-India) एक आपसी गारंटी प्रणाली है, जो किसानों के बीज, उत्पादों और कृषि उत्पादों को सरकारी निर्धारित मानकों के अनुसार प्रमाणित करती है। यह एक संगठित तथा स्वयं प्रशासित प्रक्रिया है, जिसमें किसानों द्वारा उत्पादित वस्तुओं के गुणवत्ता और परिष्कृतता को सुनिश्चित करने के लिए समाज के सहयोगिताओं और कृषि निगमों का सहयोग लिया जाता है।

PGS-India की शुरुआत 2001 में भारतीय संस्करण विकास संघ (Indian Institute of Plantation Management) द्वारा किया गया था और बाद में खेती विभाग (Ministry of Agriculture) के तत्वाधिन आयोजित किया गया। इस गारंटी प्रणाली के तहत, किसान समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने, उन्हें स्थानीय स्तर पर विश्वसनीयता प्रदान करने, और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों को उत्पन्न करने का उद्देश्य है।

PGS-India के तहत, किसान समुदाय के बीच एक संगठित प्रक्रिया चलती है, जिसमें निम्नलिखित चरण होते हैं:

  1. स्थानीय संगठन गठन: स्थानीय स्तर पर किसान समुदायों के द्वारा एक समुचित संगठन की गठन किया जाता है। इस संगठन के अध्यक्ष और सदस्य चुने जाते हैं जो गारंटी प्रक्रिया का प्रबंध करते हैं।
  2. गारंटी प्रक्रिया: उत्पादक किसानों द्वारा उत्पन्न उत्पादों को एक गुणवत्ता मानक और प्रमाणित करने के लिए संगठनित प्रक्रिया अनुसरण की जाती है। इसमें कृषि विज्ञानी, गणितीय और विश्लेषणिक तत्व शामिल होते हैं।
  3. प्रमाणन: गुणवत्ता मानकों के अनुसार परिष्कृत उत्पादों को प्रमाणित करने के बाद, एक गुणवत्ता प्रमाण पत्र (PGS-India certificate) उत्पादक किसान को प्रदान किया जाता है।

PGS-India की विशेषता यह है कि इसमें उत्पादक किसान समुदाय खुद एक दूसरे के उत्पादों को प्रमाणित करते हैं और इसमें सरकारी नियंत्रण नहीं होता है। यह एक स्वयं-प्रशासित और संगठित प्रक्रिया है, जिसमें सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाता है।

PGS Full Form

AbbreviationFull Form
PGSParticipatory Guarantee System

भाग लेना

PGS का साझा स्वामित्व


विकास और संचालन प्रक्रिया में हितधारकों की भागीदारी
सिस्टम कैसे काम करता है इसकी समझ और
उत्पादकों और उपभोक्ताओं तथा अन्य हितधारकों के बीच सीधा संवाद

इस विचार में निहित है कि उत्पादकों पर भरोसा किया जा सकता है और जैविक गारंटी प्रणाली इस भरोसे की अभिव्यक्ति और सत्यापन हो सकती है। इस ट्रस्ट की नींव इस विचार से बनी है कि प्रमुख हितधारक सामूहिक रूप से अपनी साझा दृष्टि विकसित करते हैं और फिर सामूहिक रूप से पीजीएस के माध्यम से अपनी दृष्टि को आकार देना और सुदृढ़ करना जारी रखते हैं। ‘विश्वास’ का विचार मानता है कि व्यक्तिगत उत्पादक जैविक उत्पादन के माध्यम से प्रकृति और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

क्षितिजीयता

साझा दृष्टिकोण
कार्यान्वयन और निर्णय लेने की सामूहिक जिम्मेदारी आम साझा दृष्टिकोण से प्रेरित होती है। सभी प्रमुख हितधारक (निर्माता, सुविधा प्रदान करने वाली एजेंसियां, गैर सरकारी संगठन, सामाजिक संगठन, राज्य सरकारें और राज्य एजेंसियां) मार्गदर्शक सिद्धांतों और लक्ष्यों का समर्थन करते हैं, पीजीएस इसे हासिल करने का प्रयास कर रहा है और यह शुरुआत में डिजाइन में उनकी भागीदारी और समर्थन और फिर इसमें शामिल होने के माध्यम से हासिल किया गया है। इसमें एक आवेदन और प्रतिज्ञा पर हस्ताक्षर करने के माध्यम से लिखित प्रतिबद्धता शामिल हो सकती है जिसमें दृष्टिकोण शामिल है।

पारदर्शिता, पीजीएस-इंडिया (भारत की भागीदारी गारंटी प्रणाली)


उत्पादकों और उपभोक्ताओं सहित सभी हितधारकों को इस बात की जानकारी होने से पारदर्शिता पैदा होती है कि गारंटी प्रणाली मानकों को शामिल करने के लिए कैसे काम करती है, स्पष्ट रूप से परिभाषित और प्रलेखित प्रणालियों के साथ जैविक गारंटी प्रक्रिया (मानदंड) और निर्णय कैसे लिए जाते हैं।


पीजीएस इंडिया का उद्देश्य समूह स्तर पर गैर-पदानुक्रमित होना है। यह समग्र लोकतांत्रिक संरचना में और पीजीएस समूह की सामूहिक जिम्मेदारी के माध्यम से साझा करने और घूमने की जिम्मेदारी के माध्यम से, उत्पादकों को एक-दूसरे के खेतों की सहकर्मी समीक्षा में सीधे शामिल करके प्रतिबिंबित करेगा; और निर्णय लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता से।

राष्ट्रीय नेटवर्किंग


पीजीएस इंडिया का लक्ष्य पीजीएस की भावना को बरकरार रखते हुए पूरे आंदोलन को एक संस्थागत ढांचा देना है। यह विभिन्न सुविधा एजेंसियों, क्षेत्रीय परिषदों और क्षेत्रीय परिषदों के माध्यम से सामान्य छत्र के तहत समूहों को नेटवर्किंग करके हासिल किया जाता है। राष्ट्रीय जैविक खेती केंद्र डेटा का संरक्षक होगा, नीतियों और दिशानिर्देशों को परिभाषित करेगा और अवशेषों के लिए क्षेत्र की निगरानी और उत्पाद परीक्षण के माध्यम से निगरानी करेगा। क्षेत्रीय परिषदें और सुविधा देने वाली एजेंसियां समूहों को क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण, ज्ञान/प्रौद्योगिकी प्रसार और पीजीएस वेबसाइट पर डेटा अपलोड करने में सुविधा प्रदान करती हैं।

OTGER PGS FULL FORM , पीजीएस-इंडिया (भारत की भागीदारी गारंटी प्रणाली)

AbbreviationFull Form
PGSPreimplantation Genetic Screening
PGSPropylene Glycol Monostearate
PGSPost Graduate Studies
PGSPlanetary Geostrophic Scale
PGSPortable Gravitational Searcher
PGSPatient Global Impression of Severity
PGSParental Generation Selection
PGSPrecision Guided Munition System
PGSPyrolytic Graphite Sheet

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Please note that “PGS” can have multiple meanings

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